
रोज़ सुबह गौ-माता को आपकी तरफ़ से ताज़ा हरा चारा अर्पित किया जाएगा। सेवा या तो आपके पितरों के नाम से होगी या गुप्त (जैसा आप चाहें)।
सेवा का वीडियो सेवा होने के बाद 72 घंटों के अंदर आपको WhatsApp पे भेज दिया जाता है, ताकि आप अपनी सेवा के दर्शन स्वयं करें।

1.5 लाख+ सनातनियों का भरोसा

2023 से सनातन सेवा में समर्पित

RBI नियमों के अनुरूप भुगतान
आपके पितरों के नाम से या गुप्त सेवा (जैसा आप चाहें)
72 घंटों में सेवा का वीडियो
0 रुपये से शुरू।
मान्यताओं के अनुसार, जब पितृ अतृप्त रहते हैं तो उसका प्रभाव परिवार पर पड़ सकता है। शास्त्रों में जिन संकेतों को पितृ दोष से जोड़ा जाता है, वे ये हैं:

शास्त्रों और लोक-मान्यताओं में घर में बार-बार होने वाले झगड़ों, तनाव और अशांति को अशांत पितरों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब पितृ अतृप्त रहते हैं, तो घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है। इसीलिए पितृ पक्ष में पितरों के निमित्त सेवा को घर में शांति की कामना का एक श्रद्धापूर्ण मार्ग माना गया है।
घर की शांति की कामना से सेवा करें ➤
लोक-मान्यता के अनुसार पैसा न टिकना, अचानक खर्चे या कर्ज़ का बोझ जैसी स्थितियाँ भी पितरों की अप्रसन्नता से जुड़ी हो सकती हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि जहाँ पितृ प्रसन्न होते हैं, वहाँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। पितरों के निमित्त गौ-सेवा उसी कृपा की कामना का एक पारंपरिक उपाय मानी जाती है।
आर्थिक शांति की कामना से सेवा करें ➤
मान्यता है कि बनते-बनते काम बिगड़ना, विवाह या नौकरी में बार-बार रुकावटें आना पितृ दोष के संभावित संकेत हो सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार पितरों का आशीर्वाद जीवन में आने वाली बाधाओं को कम करने में सहायक माना गया है। पितृ पक्ष में की गई सेवा इसी आशीर्वाद की प्रार्थना है।
बाधा-निवारण की प्रार्थना हेतु सेवा करें ➤
परंपरा में पितरों को वंश का रक्षक माना गया है। मान्यता है कि पितरों की अतृप्ति का संबंध संतान सुख और वंश वृद्धि से जुड़ी चिंताओं से हो सकता है। इसीलिए पितृ पक्ष में श्रद्धा से की गई सेवा को वंश पर पितरों की कृपा की कामना का एक पवित्र मार्ग माना जाता है।
वंश की कामना से पितृ सेवा करें ➤शास्त्रों में पितरों की तृप्ति के लिए गौ-माता के माध्यम से श्रद्धा अर्पित करने को एक सरल और श्रेष्ठ मार्ग बताया गया है। भक्तगण ऐप यह सेवा आपकी तिथि पर, वीडियो प्रमाण के साथ करवाता है।

शास्त्रों के अनुसार गौ-माता में 33 कोटि देवताओं और पितरों का वास माना गया है। मान्यता है कि पितृ पक्ष में गौ-माता को हरा चारा, गुड़, रोटी, काले तिल और फल अर्पित करना और विशेष गौ-पूजा करवाना पितृ दोष की शांति की कामना का एक श्रेष्ठ उपाय है। यह सेवा आपकी श्रद्धा और प्रार्थना का माध्यम है।
पितृ दोष शांति की कामना से सेवा करें ➤
पंचबलि - गौ, श्वान, काक, पिपीलिका और देव बलि - श्राद्ध का एक शास्त्रोक्त अंग है। मान्यता है कि पितृ इन्हीं जीवों के माध्यम से अपना भाग ग्रहण करते हैं। आपकी तिथि पर पंचबलि और गौ-ग्रास अर्पित करवाकर आप पितरों की तृप्ति की कामना पूरे विधि-विधान से कर सकते हैं।
पितरों की तृप्ति की कामना से सेवा करें ➤
शास्त्रों में कहा गया है कि तृप्त पितृ अपने वंश को आयु, आरोग्य, धन और संतान का आशीर्वाद देते हैं। पितरों के नाम-गोत्र से गौ-सेवा और ब्राह्मण भोज-दक्षिणा को इसी आशीर्वाद की प्रार्थना का पारंपरिक माध्यम माना जाता है - श्रद्धा से किया गया हर कर्म पितरों तक पहुँचता है, ऐसी मान्यता है।
पितरों के आशीर्वाद की प्रार्थना करें ➤
पितृ पक्ष केवल कर्मकांड नहीं, यह अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का समय है। आप जहाँ भी हों, अपने पितरों की तिथि पर उनके नाम से गौ-सेवा करवा सकते हैं। सेवा का वीडियो 72 घंटों में आपके WhatsApp पर आता है, ताकि आप अपनी श्रद्धा को स्वयं देख सकें।
पूर्वजों के नाम सेवा करें ➤गौ-सेवा शुरू करने से पहले जो भी मन में है, यहाँ जानिए।


आपके सेवा विवरण चेक हो रहे हैं…
⚠️ आपका भुगतान सफल है, लेकिन ऑर्डर की जानकारी सेव करने में हमें दिक्कत आई।
अगर कुछ जानकारी गलत है तो हमें WhatsApp करें:
💬 WhatsApp करेंआपका भुगतान सुरक्षित है। कृपया पुनः प्रयास करें या हमसे संपर्क करें।
आपकी सेवा किस रूप में अर्पित हो?
आपकी सेवा गुप्त सेवा के रूप में अर्पित होगी। कृपया अपना मोबाइल नंबर पुष्टि करें।
किसके नाम पुकारे जाएं?
गोत्र वैकल्पिक है - यदि पता न हो तो खाली छोड़ दें।
वीडियो दर्शन के लिए अपना सही WhatsApp नंबर दर्ज करें
सेव हो रहे हैं…